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गुरुवार, 9 मार्च 2023

राजीव गांधी शहरी ओलंपिक राजस्थान

मार्च 09, 2023 0

     राजीव गांधी शहरी ओलंपिक 



▪️राजीव गांधी शहरी ओलंपिक 26 जनवरी से शुरू हो रहे।


▪️राजीव गांधी शहरी ओलंपिक खेलों के तहत कबड्डी, टेनिस बॉल, खो-खो, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, फुटबॉल और बास्केटबॉल की प्रतियोगिताएं होंगी।



▪️नगर पालिका और नगर निगम स्तरीय खेल प्रतियोगिता 26 से 31 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी।


▪️दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 13 से 16 फरवरी तक तथा अंतिम चरण में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन 25 से 28 फरवरी तक होगा।



▪️राजीव गांधी शहरी ओलंपिक खेलों में किसी भी आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे।


▪️इसके लिए इच्छुक व्यक्ति को राज ओलंपिक डॉट राजस्थान डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।




▪️राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक में शामिल खेल : [ 06 ]


1. हॉकी   

2.कबड्डी

3.खो-खो     

4.शूटिंग बॉल

5.टेनिस बॉल क्रिकेट   

6.वॉलीबॉल 


▪️ राजीव गांधी शहरी ओलंपिक में शामिल खेल  [ 07 ]

1.कबड्डी           

2.वॉलीबॉल 

3.टेनिस बॉल क्रिकेट   

4.खो–खो

5.फुटबॉल           

6.बास्केटबॉल

7. एथलेटिक्स

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

राजा हम्मीर देव चौहान(रणथंभोर का शासक),King Hameer dev chauhan ranathambhaur dyanasty🖋️

फ़रवरी 21, 2021 6

   राजा हम्मीर देव चौहान


राजा हम्मीर देव -चौहान वंश की रणथंभोर शाखा के थे,इस रणथंभोर के चौहान वंश की नीव पृथवीराज तृतीय के पुत्र गोविन्दराज ने 1194 में कुतुबुद्दीन ऐबक की सहायता से की थी।


रणथम्भौर किला

                     
 राजा हम्मीर देव,जैत्रसिंह चौहान के तीसरे पुत्र थे व् इनकी माता का नाम हीरा देवी था।यह 1282 AD में रणथंभोर की गद्दी पर बैठा। इनकी पत्नी का नाम "महारानी हीरादेवी" त था पुत्री का नाम "देवल दे" था।

राजा हम्मीर देव चौहान ने अपने पिता की याद में 32 खम्बों की छतरी बनवाई

     

     
  हम्मीर के बारे में जानकारी हमे--

(1) नयनचंद्र सूरी द्वारा रचित 'हम्मीर महाकाव्य'

 (2)जोधराज कृत 'हम्मीर रासो'

(3)चंद्रशेखर कृत'हम्मीर हठ' आदि में मिलती है।
                   
           हम्मीर ने गद्दी सभालते ही सबसे पहले भामरस के राजा अर्जुन को हराया और फिर दक्षिण में परमार शाशक भोज को हराया और फिर बहुत सारी विजयो के उपरांत वह रणथंभोर गया और नो कोटि का यज्ञ कराया।

       
 थोड़े समय के उपरांत ही हम्मीर देव ने अपना राज्य शिवपुरी(ग्वालियर),बलबन(कोटा),
और शाकम्भरी तक कर लिया।

राजा हम्मीर देव और दिल्ली सुल्तान जलालुदीन खिलजी


1290 में जलालुद्दीन दिल्ली की गद्दी पर बेठा और उसने अपने राज्य की रक्षा हेतु 1290 में रणथंभोर की ओर आ गया। तब हम्मीर ने 10,000 सैनिको के साथ मुस्लिम सेना का मुकाबला करने के लिए सेनापति गुरुदास सैनी को भेजा परंतु उनकी हार हुई और मुस्लिम सेना ने झाइन के दुर्ग पर कब्ज़ा कर लिया।


    इससे जलालुद्दीन का साहस बड गया और उसने रणथंभोर दुर्ग पर घेरा डाल दिया और जितने के समस्त प्रयास किये परंतु असफल रहा और सेना को वापस लौटने को कहा तथा यह कहा की में"ऐसे 10 किलो को मुसलमान के एक बाल के बराबर भी महत्व नही देता"  उसके जाते ही हम्मीर सेना ने वापस झाइन के दुर्ग पर वापस अधिकार कर लिया।





हम्मीर देव और अलाउद्दीन खिलजी



 1296AD में अलाउद्दीन दिल्ली की गद्दी पर बेठा ,उसने 1299 में गुजरात पर आक्रमण किया और विजय के बाद वापस लोट रही मुस्लिम सेना ने माल बटवारे के लिए मंगोल सैनिको के विद्रोह कर दिया,जिसमे मुख्य नेता 'मुहम्मदसाह व् केबरू' थे,जो इस विद्रोह के अलाउद्दीन सेनापत्यो के दमन के बाद ये हम्मीर की शरण में चले गए।जब अलाउद्दीन ने हम्मीर से इन्हें वापस लौटाने को कहा तो हम्मीर ने मना कर दिया ,जिस कारन अलाउद्दीन खिलजी ने  रणथंभोर पर आक्रमण करने का मन क्रर लिया।
            
        1299AD में अलाउद्दीन खिलजी ने नुसरत ख़ाँ अलप खा और उलगु खा के नेतृत्व में एक बड़ी सेना रणथंभोर पर आक्रमण हेतु भेजी, परंतु नुसरत खा किले से आने वाले गोले के कारन मारा गया और हम्मीर देव ने भीमसिंह व् धर्मसिंह के नेतृत्व में तुर्को का सामना करने के लिए सेना भेजी ,जिसमे तुर्को की पराजय हुई और वापस आते वक्त तुर्क सेनापति उलगु खा ने घात लगाकर वॉर करने से भीमसिंह मरा गया



 

 इस हार के कारन अलाउद्दीन खिलजी श्वयम एक विशाल सेना लेकर रणथम्भोर आ गया परंतु एक साल तक दुर्ग की घेराबंदी के बावजूद भी उसको कुछ हासिल नही हुआ तब,अलाउद्दीन खिलजी ने हम्मीर सेनापति "रातिपाल व् रणमल " को प्रलोभन देकर अपनी और कर लिया,जिससे तुर्क सेना किले में आ गयी तब दोनों पक्षों में घमाशान युद्ध हुआ और हम्मीर देव परास्त हो गया।

        त था मुहमदसाह व् केबरु हम्मीर की और से लड़ते हुए मारे गए।

          त था हम्मीर की रानी "रंगदेवी" त था उसकी पुत्री देवल दे" ने जल जोहर कर लिया, 
 
         तथा हम्मीर देव के देशद्रोही सेनापति""रणमल व् रातिपाल"" की अलाउद्दीन खिलजी ने हत्या कर दी, और कहा जो आदमी अपने राजा के प्रति वफादार नही हुए वो मेरे प्रति क्या वफादार होंगे।

                11 जुलाई 1301 को अलाउद्दीन खिलजी ने रणथंभोर को अपने अधिकार में ले लिया। त था अलाउद्दीन खिलजी ने उलगु खा को वहाँ का प्रसाशक नियुक्त कर दिया।
     
      तब अमीर खुशरो ने कहा की"""आज कुफ़्र का गढ़ इस्लाम का घर हो गया"""



 हम्मीर के बारे में कहा जाता है की वह अपने वचन का पक्का व् तलवार का धनि था। उसके बारे में कहा जाता है की"तितरिया तेल हम्मीर हठ चढे न दूजी बार"

   जिसने अपने सरणागतो कि खातिर अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया।।।।



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        SUNIL TAAJI


शनिवार, 9 सितंबर 2017

राजस्थान के विभिन्न नगरो के उपनाम{Subname/Other name of rajasthan cities)

सितंबर 09, 2017 0

                 राजस्थान के नगरो के उपनाम





💭वस्त्र मंडी- भीलवाड़ा

💩आदिवासीयो का शहर - बाँसवाड़ा 

🍚अन्न का कटोरा - श्री गंगानगर

🎪राजस्थान का तिरुपति- श्री नाथद्वारा

🔧🔨औजारो का शहर - नागौर

🏄आइसलैण्ड ग्लोरी - जयपुर


🌿🍃उध्यानो,बगीचो का शहर - कोटा


🐑ऊन का घर - बीकानेर

👳ख्वाजा की नगरी - अजमेर


गलियो का शहर - जैसलमेर

💄गुलाबी नगरी - जयपुर



🔔घंटियो का शहर - झालरापाटन

💦छोटी काशी - बुन्दी

🏤जलमहलो की नगरी - डीग

🚣झीलो की नगरी - उदयपुर

👗👖वस्त्र नगरी - भीलवाड़ा

🙏देवताओं की उपनगरी - पुष्कर


👲नवाबो का शहर - टोंक

🎑भारत का पेरिस - जयपुर


⛅पूर्व का वेनिस - उदयपुर

🌄पहाड़ो की नगरी - डुंगरपुर

🗼भक्ति व साधना की नगरी - मेड़तासिटी

👯मूर्तियो का खजाना - तिमनगढ़ , करौली

🌴🐪मरुस्थल की शोभा - रोहिड़ा

🐪🐪राजस्थान की मरुनगरी - बीकानेर

💗राजस्थान का ह्रदय - अजमेर


🙌राजस्थान का प्रवेश द्धार - भरतपुर

🌈राजस्थान का सिंह द्धार - अलवर

🌾🌱राजस्थान का अन्न भण्डार - गंगानगर

💰राजस्थान की स्वर्णनगरी - जै
📚राजस्थान की शिक्षा की राजधानी - अजमेर

🏂राजस्थान का कश्मीर - उदयपुर

💾राजस्थान का काउंटर मेग्नेट - अलवर 

🏊राजस्थान की मरुगंगा - इन्दिरा गाँधी नहर

🏊पश्चिम राजस्थान की गंगा - लुणी नदी

👰राजस्थान की मोनालीसा - बणी ठणी

🌵रेगिस्तान का सागवान - रोहिड़ा

🎡राजस्थान का खजुराहो - भण्डदेवरा

🌉राजस्थान का कानपुर - कोटा

🌆राजस्थान का नागपुर - झालावाड़

🌇राजस्थान का राजकोट - लुणकरणसर

🗽राजस्थान का स्कॉटलैण्ड -अलवर

⚓राजस्थान की धातु नगरी - नागौर

🏭राजस्थान का आधुनिक विकास तीर्थ - सूरतगढ़

👳राजस्थान का पँजाब - साँचौर

🏮राजस्थान की अणुनगरी - रावतभाटा , बेगूँ 

🏯राजस्थान का हरिद्धार - मातृकुण्डिया , चित्तौड़गढ़

🌅राजस्थान का अण्डमान - जैसलमेर

🚩राजपुताना की कूँची - अजमेर

राजस्थान का मेनचेस्टर - भिवाड़ी

💈राजस्थान का जिब्राल्टर - तारागढ़ , अजमेर

🏤राजस्थान का ताजमहल - जसवंतथड़ा , जोधपुर


🎠राजस्थान का भुवनेश्वर - ओसियाँ

☁राजस्थान की साल्टसिटी - साँभर

😎राजस्थान की न्यायायिक राजधानी - जोधपुर



☔राजस्थान का चेरापूँजी - झालावाड़

🌌राजस्थान की डल झील - माउण्ट आबू

🌞राजस्थान का गौरव - चित्तौड़गढ़

                        

               🙏 पधारो म्हारे देश 🙏

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