This blogger account about that General Knowledge and Fact

Definition List

LightBlog

Unordered List

LightBlog
समास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 30 नवंबर 2021

समास हिंदी

नवंबर 30, 2021 0

               ---------समास----------


समास का शाब्दिक अर्थ है -संक्षेप 
समास के 6 भेद होते हैं
1-अव्ययीभाव समास
2-तत्पुरुष समास
3-कर्मधारय समास
4-द्विगु समास
5-द्वंद समास
6-बहुबिर्हि समास



1.अव्ययीभाव समास- 

इस समास मैं पहला पद प्रधान होता हैं तथा दो शब्दो की पुनरावर्ती होती है.
इसमें 'यथा,भर,आ,बे,प्रति,अनु,नि, उपसर्ग का प्रयोग होता हैं.
जैसे-प्रतिवर्ष-हर वर्ष
यथावधी- अवधि के अनुसार
बेकाम- काम से रहित
बेशक-बिना सन्देह
यथार्थ-कायदे के अनुसार
अतिव्रष्टि- वर्ष्टि की अति
दनार्थ- दान के लिए
प्रत्याशा- आशा के बदले आशा
एकाएक- एक के बाद एक

2. तत्पुरुष समास- 


इस समास में दूसरा पद प्रधान होता हैं,तथा विभक्ति चिह्नों का लॉप हो जाता है,इस समास के 6 भेद है


. कर्म तत्पुरुष समास-

इसमे 'को' का लॉप हो जाता है.

जैसे-यशप्राप्त- यश को प्राप्त
चिड़ीमार-चिड़ी को मारने वाला
मनोहर- मन को हरने वाला
हस्तगत-हस्त को गया हुआ
वनगमन- वन को गया हुआ
शरणागत-शरण को गया हुआ

ब.कर्ण तत्पुरुष समास-

इसमे 'से, के द्वारा' का लॉप हो जाता है

जैसे-जगहँसाई-जग के द्वारा हसाई
रसभरी- रस से भरी
गुनाहिंन- गन से हींन


स. सम्प्रदान तत्पुरुष समास- इसमे 'के लिए' का लॉप होता है.

जैसे-गुरुदक्षिणा- गुरु के लिए दक्षिणा
विद्यालय- विधा के लिए आलय
देशभक्ति- देश के लिए भक्ति
मालगाड़ी- माल के लिए गाड़ी


द.अपादान तत्पुरुष समास- इस समास में 'से' अलग होने के अर्थ में प्रयोग होता है

जैसे-पापमुक्त- पाप से मुक्त

पदमुक्त-पद  सेके मुक्त

राजद्रोह- राज्य से द्रोह


य. सम्बन्ध तत्पुरुष समास- इसमे 'का,के,की' चिह्न आते हैं

जैसे- राजकुमारी-राजा की कुमारी
राजगुरु-राजा का गुरु
पराधीन- पर के अधीन 
लोकसभा- लोगो की सभा


र. अधिकरण तत्पुरुष समास- इसमे'में,पर' का लॉप होता है

जैसे- कविश्रेष्ठ- कवियों में श्रेष्ठ
घुड़सवार-घोड़े पे सवार

3.कर्मधारय समास

इस समास में दूसरे पद की प्रधानता होती है तथा इसमे एक पद विशेषण व दूसरा पद विशेष्य होता है.इसका समास विग्रह करने पर 'रूपी' शब्द प्रयोग होता है.
जैसे-नीलकमल-नीला है जो कमल
पीताम्बर-पिट है जो अम्बर
नीलगाय-नीली है जो गाय
चरणकमल-चरण रूपी है जो कमल

4.द्विगु समास-

इसमें पहला पद संख्यावाचक होता है
जैसे- एकलौता-एक हैं जो
नवरत्न-नों रत्नों का समूह
तिबारा-तीन है जिसके द्वार
त्रिलोक-तीन लोको का समाहार

5. द्वंद समास-

 इसमे योजक सब्द ;औऱ, तथा, या, अथवा' का उपयोग होता हैं.
जैसे-पचीस-पांच ओर बीस
दुधरोटी-दूध ओर रोटी
सुरासुर-सुर ओर असुर
जलवायु-जल ओर वायु

6.बहुबिर्हि समास

इसमें पहला ,दूसरा पद प्रधान न होकर कोई अन्य तीसरा पद प्रधान होता है
जैसे-घनश्याम-काले बादल जैसा है वह-कृष्ण
चतुरानन-वह जिसके चार आनन है- ब्रह्मा


Ads

LightBlog